मै भी ईन्सान हुँ तम भी ईन्सान है,
तु पढ़ता है "वेद" हम पढ़ते "क़ुरान" है।
तेरे जिस्म मे आत्मा की बू है,
मेरे ज़िस्म मे भी एक रुह है।
तेरे हाथ मे कन्ठी-माला है,
मेरी तहज़ीब भी आला है।
तु अगर जहाँ मे निराला है,
हमारे पास सरवर-ए-आला है।
तेरे हाथ मे अगर उजाला है,
मेरे हाथ मे रहमत का प्याला है।
तेरे हाथ मे चाहत की भूख है,
मेरे पास भी हुस्न-ए-सलुक है।
तेरे पास मुहब्बत का जाम है,
मेरे पास भी दीन-ए-ईस्लाम है।
तु वादे का अगर महान है,
मेरे पास भी देने के लिये जान है।
तेरे दिल मे बुजुरगों का मान है,
मेरे पास भी यही वाला ईमान है।
तेरे पास नफरत मिटाने का समान है,
मेरे पास मर मिटने का अरमान है।
तेरे हाथ मे मुहब्बत का पैगाम है,
मेरे लिये मुहब्बत मे मर मिटना आसान है।
अगर तु सच्चा हिन्दु ईन्सान है,
"शमीम" देगा तुम पर अपनी जान है।06
शायर,कवि,चिंतक और आलोचक *शमीम अंसारी* के वाल से अनुवादित।
प्रस्तुती :-एनाएतुल्लाह (नन्हे)
तु पढ़ता है "वेद" हम पढ़ते "क़ुरान" है।
तेरे जिस्म मे आत्मा की बू है,
मेरे ज़िस्म मे भी एक रुह है।
तेरे हाथ मे कन्ठी-माला है,
मेरी तहज़ीब भी आला है।
तु अगर जहाँ मे निराला है,
हमारे पास सरवर-ए-आला है।
तेरे हाथ मे अगर उजाला है,
मेरे हाथ मे रहमत का प्याला है।
तेरे हाथ मे चाहत की भूख है,
मेरे पास भी हुस्न-ए-सलुक है।
तेरे पास मुहब्बत का जाम है,
मेरे पास भी दीन-ए-ईस्लाम है।
तु वादे का अगर महान है,
मेरे पास भी देने के लिये जान है।
तेरे दिल मे बुजुरगों का मान है,
मेरे पास भी यही वाला ईमान है।
तेरे पास नफरत मिटाने का समान है,
मेरे पास मर मिटने का अरमान है।
तेरे हाथ मे मुहब्बत का पैगाम है,
मेरे लिये मुहब्बत मे मर मिटना आसान है।
अगर तु सच्चा हिन्दु ईन्सान है,
"शमीम" देगा तुम पर अपनी जान है।06
शायर,कवि,चिंतक और आलोचक *शमीम अंसारी* के वाल से अनुवादित।
प्रस्तुती :-एनाएतुल्लाह (नन्हे)
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