Massage for friends
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Hindi Poem !!
Kota
LABELS
We were all humans until
Posted by: Unknown Posted date: 10:10 PM / comment : 0 English Quotes
"Beautiful That Way"
Posted by: Unknown Posted date: 6:49 PM / comment : 0 English Poem
Love, as if you were a child,
Smile, no matter what they tell you
Don't listen to a word they say
Cause life is beautiful that way.
Tears, a tidal wave of tears
Light, that slowly disappears
Wait, before you close the curtain
There is still another game to play
And life is beautiful that way
Here with his eyes forevermore
I will always be as close as you
remember from before
Now that you're out there on your own
Remember what is real and
what we dream is love alone
Keep the laughter in you eyes
Soon your long awaited prize
We'll forget about our sorrows
And think about a brighter day
Cause life is beautiful that way.
We'll forget about our sorrows
And think about a brighter day,
Cause life is beautiful that way
There's still another game to play
And life is beautiful that way.
अगर आदमी ख़ुद से हारा न होता!!
Posted by: Unknown Posted date: 3:38 PM / comment : 0 Hindi Poem !!, Urdu Poem
ख़ुदा को किसी ने पुकारा न होता !
जो हम ने ज़मीं पर उतारा न होता !
बदलता नहीं वक़्त यह रंग अपने ,
किसी आदमी का गुज़ारा न होता !
नहीं ख़्वाब कोई हक़ीक़त में ढ़लता ,
जो दस्ते-जुनूं ने सँवारा न होता !
बुझानी अगर आग आसान होती ,
किसी राख में फिर अँगारा न होता !
कहीं पर भी होती अगर एक मंज़िल ,
तो गर्दिश में कोई सितारा न होता !
ये सारे का सारा जहां अपना होता ,
अगर यह हमारा तुम्हारा न होता !
अगर आदमी ख़ुद से हारा न होता / मधुभूषण शर्मा 'मधुर'
जीने_की_अदा_जाने!!
Posted by: Unknown Posted date: 3:34 PM / comment : 0 Hindi Poem !!, Urdu Poem
कोई समझे क़लंदर[1] उस को और कोई गदा[2] जाने
मदद से असलहों[3] की जो दुकां अपनी चलाता है
मुहब्बत, दोस्ती, एहसास, जज़्बा, फ़िक्र क्या जाने?
जिया जो दूसरों के वास्ते है बस वही इंसां
कि अपने वास्ते जीने को वो अपनी क़ज़ा[4] जाने
फ़राएज़[5] की जगह ऊँची न होगी जब तलक हक़ से
तो दुनिया भी तेरी बातों को गूंगे की सदा जाने
सऊबत[6] ज़िंदगी का हर सबक़ ऐसे सिखाती है
कि नादारी[7] में भी इंसान जीने की अदा जाने
नज़र में उन की गर मज़हब है इक शतरंज का मोहरा
तो फिर अंजाम कैसा, क्या, कहाँ होगा ख़ुदा जाने
वफ़ादारी ही जिस की ज़ात का हिस्सा रही बरसों
मगर ये क्या हुआ कि आज वो इस को सज़ा जाने
न जाने किस ज़माने में ’शेफ़ा’ वो शख़्स जीता है
जो ख़ुद्दारी[8], रवादारी[9], मिलनसारी, वफ़ा जाने!!
.जीने_की_अदा_जाने_/_इस्मत_ज़ैदी
- ऊपर जायें↑ फ़क़ीर
- ऊपर जायें↑ भिखारी, भिक्षुक
- ऊपर जायें↑ हथियार
- ऊपर जायें↑ मृत्यु, मौत
- ऊपर जायें↑ कर्तव्य, फ़र्ज़, नमाज़
- ऊपर जायें↑ कठिनता, कष्ट, दुश्वारी, पीड़ा, व्यथा, तकलीफ़
- ऊपर जायें↑ ग़रीबी, दरिद्रता, मुफ़लिसी, निर्धनता
- ऊपर जायें↑ स्वाभिमान, आत्मगौरव, आत्मसम्मान
- ऊपर जायें↑ सहृदयता, उदारता
'मीर' कोई था 'मीरा' कोई लेकिन उनकी बात अलग / निश्तर ख़ानक़ाही
Posted by: Unknown Posted date: 3:32 PM / comment : 0 Urdu Poem
सारे जग की प्यास बुझाना, इतना आसाँ काम है क्या?
पानी को भी भाप में ढलकर बादल बनना पड़ता है
जलते दिए को लौ ही जाने उसकी आँखें जानें क्या?
कैसी-कैसी झेल के बिपता, काजल बनना पड़ता है
'मीर' कोई था 'मीरा कोई लेकिन उनकी बात अलग
इश्क़ न करना, इश्क़ में प्यारे पागल बनना पड़ता है
शहर नहीं थे, गाँव से पहले जंगल बनना पड़ता है
"निश्तर" साहब! हमसे पूछो, हमने ज़र्बे झेली हैं
घायल मन की पीड़ समझने घायल बनना पड़ता है
हम पंछी उन्मुक्त गगन के!
Posted by: Unknown Posted date: 1:48 AM / comment : 0 Hindi Poem !!
पिंजरबद्ध न गा पाएँगे,
कनक-तीलियों से टकराकर
पुलकित पंख टूट जाऍंगे।
हम बहता जल पीनेवाले
मर जाएँगे भूखे-प्यासे,
कहीं भली है कटुक निबोरी
कनक-कटोरी की मैदा से,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।
Posted by: Unknown Posted date: 1:43 AM / comment : 0 Hindi Poem !!, अग्निपथ
वृक्ष हों भले खड़े,हों घने हों बड़े,
एक पत्र छाँह भी,
माँग मत, माँग मत, माँग मत,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।
तू न थकेगा कभी,
तू न रुकेगा कभी,
तू न मुड़ेगा कभी,
कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।
यह महान दृश्य है,
चल रहा मनुष्य है,
अश्रु श्वेत रक्त से,
लथपथ लथपथ लथपथ,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।
मुश्किलों में मुस्कुराना धर्म है।
Posted by: Unknown Posted date: 1:36 AM / comment : 0 Hindi Poem !!, मुश्किलों में मुस्कुराना धर्म है।
जिन मुश्किलों में मुस्कुराना हो मना,उन मुश्किलों में मुस्कुराना धर्म है।
जिस वक़्त जीना गैर मुमकिन सा लगे,
उस वक़्त जीना फर्ज है इंसान का,
लाजिम लहर के साथ है तब खेलना,
जब हो समुन्द्र पे नशा तूफ़ान का
जिस वायु का दीपक बुझना ध्येय हो
उस वायु में दीपक जलाना धर्म है।
हो नहीं मंजिल कहीं जिस राह की
उस राह चलना चाहिए इंसान को
जिस दर्द से सारी उम्र रोते कटे
वह दर्द पाना है जरूरी प्यार को
जिस चाह का हस्ती मिटाना नाम है
उस चाह पर हस्ती मिटाना धर्म है।
आदत पड़ी हो भूल जाने की जिसे
हर दम उसी का नाम हो हर सांस पर
उसकी खबर में ही सफ़र सारा कटे
जो हर नजर से हर तरह हो बेखबर
जिस आँख का आखें चुराना काम हो
उस आँख से आखें मिलाना धर्म है।
जब हाथ से टूटे न अपनी हथकड़ी
तब मांग लो ताकत स्वयम जंजीर से
जिस दम न थमती हो नयन सावन झड़ी
उस दम हंसी ले लो किसी तस्वीर से
जब गीत गाना गुनगुनाना जुर्म हो
तब गीत गाना गुनगुनाना धर्म है।
Happy Lohri
Posted by: Unknown Posted date: 10:48 PM / comment : 0 Happy Lohri
Happy New Year 2016.
Posted by: Unknown Posted date: 11:05 PM / comment : 0 Happy New Year 2016.
Merry Christmas
Posted by: Unknown Posted date: 5:30 PM / comment : 0 Merry Christmas









